रविवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नियमित सुरक्षा जांच के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों के सामान से सैटेलाइट फोन बरामद हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी। बाद में मामले को आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया।
एक आरोपी की पहचान जेफ्री स्कॉट के रूप में हुई
हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों में से एक की पहचान मोंटाना निवासी जेफ्री स्कॉट के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, सैटेलाइट फोन उनके बैग से बरामद किया गया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
भारत में सैटेलाइट फोन पर सख्त प्रतिबंध
भारत में बिना सरकारी अनुमति के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। थुराया और इरिडियम जैसे उपकरण कड़े नियमों के तहत आते हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति इनके साथ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ हिरासत, गिरफ्तारी और उपकरण जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और अन्य सुरक्षा नियमों के तहत उठाया जाता है।
सुरक्षा कारणों से देश में टेलीकॉम से जुड़े कानून काफी सख्त हैं और इस तरह के मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले भी कई बार विदेशी नागरिक सैटेलाइट फोन रखने के कारण पकड़े जा चुके हैं। पिछले साल मई में पुडुचेरी एयरपोर्ट पर एक अमेरिकी नेत्र रोग विशेषज्ञ को इरिडियम सैटेलाइट फोन के साथ पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, पहले भी एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश अधिकारी सहित कई विदेशी नागरिक देश के अलग-अलग एयरपोर्ट और होटलों में बिना अनुमति सैटेलाइट डिवाइस रखने के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
एयरलाइंस को पहले ही दिए जा चुके हैं सख्त निर्देश
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 30 जनवरी 2025 को सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि यात्रियों को फ्लाइट के दौरान घोषणा, विदेशी कार्यालयों और ऑनबोर्ड मैगजीन के जरिए इस प्रतिबंध की जानकारी दी जाए, ताकि वे नियमों का उल्लंघन न करें।














