पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित रूप से हमला कर दिया गया। अभिषेक बनर्जी विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके, जबकि मौके पर धक्का-मुक्की और खींचतान की भी घटना सामने आई।
बताया जा रहा है कि घटना के समय अभिषेक बनर्जी सुरक्षा कर्मियों से घिरे हुए थे और उन्होंने हेलमेट भी पहन रखा था, जिससे उन्हें गंभीर चोट नहीं आई।
BJP पर लगाया हमले को प्रायोजित करने का आरोप
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘यह हमला भाजपा की तरफ से प्रायोजित है. देखिए इन्होंने क्या किया है. यही इनके लोकतंत्र का नमूना है. अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और पुलिस का कहीं कोई पता नहीं है.’
हमले के बाद उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है और वह इस मामले को न्यायालय तथा राज्यपाल के समक्ष भी उठाएंगे।
हत्या की साजिश का लगाया आरोप
घटना को लेकर नाराज अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘ये हमला इसलिए किया गया था क्योंकि वो मेरी हत्या करना चाहते हैं. यह पूरी घटना कैमरे में कैद हुई है. हम इस मामले के बारे में उच्च न्यायालय को जरूर जानकारी देंगे. हम राज्य के राज्यपाल को भी इस हमले के बारे में पूरी बात बताएंगे. मैं निश्चित रूप से कोर्ट का रुख करूंगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा सिर सिर्फ इसलिए बच गया, क्योंकि मैंने हेलमेट पहना हुआ था. उन्होंने मेरा चश्मा तोड़ दिया. हो सकता है कि मैं यहां से जिंदा निकलने में सफल हो जाऊं, लेकिन वे गुंडे निश्चित रूप से अगला हमला संजू कर्मकार के बुजुर्ग माता-पिता पर करेंगे.’
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी धरने पर बैठ गए और प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अधिकारियों को पहले से कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने कहा कि वह तब तक वहां से नहीं हटेंगे जब तक पुलिस और सुरक्षा बल इलाके में पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर देते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग घरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें निशाना बनाना चाहते हैं।
‘चोर-चोर’ के नारों के बीच बढ़ा तनाव
सोनारपुर में जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे, तब कुछ स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ कथित तौर पर ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। घटना के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मी उन्हें घेरे हुए थे और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे।
इस दौरान हुई खींचतान में अभिषेक बनर्जी की शर्ट भी फट गई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है तथा मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।















