समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकार मतदाता सूची के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बहाने वोट डालने का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
सपा चीफ ने एसआईआर अभियान के दौरान ड्यूटीरत एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की कथित तौर पर मस्तिष्काघात से मौत के बाद उसके परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के बाद सपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
‘वोट डालने का अधिकार छीनने की साजिश’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेस में आरोप लगाते हुए कहा:
“ये (एसआईआर) सोची समझी साजिश है, रणनीति है। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के दिये हुए संविधान के तहत हमें जो वोट डालने का अधिकार है, उस अधिकार को छीनने की तैयारी है।”
उन्होंने कहा, “ये (केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग) एसआईआर के बहाने वोट डालने का अधिकार छीन रहे हैं। आरक्षण, आपकी पहचान छीनेंगे और आपके ऊपर उल्टे सीधे दबाव बनाएंगे।” उन्होंने इस जल्दबाजी को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
मृतक BLO के परिजनों का गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने 14 नवंबर को मस्तिष्काघात से मृत बीएलओ विजय कुमार वर्मा का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
- परिजनों का बयान: मृतक बीएलओ वर्मा के परिजनों ने मीडिया के सामने कहा कि “वे (वर्मा) शिक्षा मित्र थे, उनकी ड्यूटी बीएलओ में लगाई गई थी। उन्हें मस्तिष्काघात हुआ 14 तारीख को और उस दिन वह काम पर गये थे। रात में 11 बजे बैठकर अपना काम कर रहे थे, तभी कुर्सी से गिरे और हम लोग उन्हें अस्पताल ले गये।”
- प्रशासन पर आरोप: मृतक की पत्नी ने आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि “एक अधिकारी ने कहा कि वह पहले से कार्यमुक्त थे, जब 14 तारीख को कार्य किया तो कार्यमुक्त कैसे हो गये। प्रशासन की तरफ से कोई मदद भी नहीं मिली और झूठा आरोप लगा रहे हैं।”
अखिलेश की मांग और तंज
अखिलेश यादव ने परिजनों को दो लाख रुपये का चेक सौंपते हुए कहा कि “हमारी मांग है कि एक करोड़ रुपये इस परिवार को मदद की जाए और सरकारी नौकरी के अलावा तमाम सरकारी योजनाओं से इन्हें जोड़ा जाए।”
- अधिकारियों पर दबाव: सपा प्रमुख ने बीएलओ के परिवार के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “ड्यूटी पर रहने के दौरान बीएलओ की मौत हुई, लेकिन अधिकारी दबाव बनाते हैं और यह साजिश रची जा रही है कि वह ड्यूटी पर नहीं थे।”
- BLP का सहायक सफाई कर्मचारी को बनाया: पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि “यहां तक कि जिम्मेदारी नगर पालिका के सफाईकर्मियों को भी दी गई है। फॉर्म में इतनी तकनीकी बातें हैं और बीएलओ का सहायक सफाई कर्मचारी को बनाया गया है।”














