उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें ‘डिलीवरी CM’ बनने की सलाह दे डाली। दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग गैस सिलेंडर के मुद्दे से शुरू होकर कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर तक पहुंच गई।
केशव मौर्य के बयान पर अखिलेश का तंज
दरअसल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था, “अगर अखिलेश यादव के पास सिलेंडर नहीं है तो हमारे यहां सूचना भिजवा दें. हम सिलेंडर भिजवा देंगे.”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “यह नया जमाना है. ‘डिलीवरी बॉय’ की बहुत जरूरत है. ये ‘डिलीवरी सीएम’ बन जाएं, उपमुख्यमंत्री न रहें. ‘डिलीवरी सीएम’ बनकर जहां जरूरत पड़े, उसको सिलेंडर या अन्य सहायता पहुंचाने का काम करें.”
गैस सिलेंडर और महंगाई पर सरकार को घेरा
एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, जबकि सरकार उपलब्धता का दावा करती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सिलेंडर पर्याप्त हैं तो 14 किलो की जगह 10 किलो का सिलेंडर क्यों किया गया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पहले खाद की बोरी में गड़बड़ी हुई और अब सिलेंडर के साथ भी वही स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की मूल जरूरतों पर गंभीर नहीं दिख रही है।
फर्जी एनकाउंटर को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए राज्य में फर्जी एनकाउंटर होने का दावा किया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में यह (एनकाउंटर) कोई नई बात नहीं है. जब वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कोई माफिया नहीं है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि वहां सिर्फ एक ही माफिया है. फर्जी एनकाउंटर सिर्फ एक बार नहीं हुए हैं. जब भी कोई निष्पक्ष जांच होगी, तो आपको पता चलेगा कि उत्तर प्रदेश सरकार में अनगिनत फर्जी एनकाउंटर हुए हैं.”
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब निष्पक्ष जांच होगी तो कई अधिकारी कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे और जेल भी जा सकते हैं।
एमएलसी के पत्र के बाद बढ़ा विवाद
यह बयान उस समय आया है जब भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सुल्तानपुर में पुलिस की कथित अनियमितताओं को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि कई लोगों ने मानवाधिकार आयोग में शिकायतें दी हैं और आयोग की ओर से सरकार को नोटिस भी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा, “न्याय की जब बात होगी तो बहुत सारे अधिकारी अकेले पड़ जाएंगे. वे जेल चले जाएंगे और उनके परिवार के लोग भी उन्हें नहीं निकाल पाएंगे.”
राज्य की राजनीति में इस बयानबाजी के बाद सियासी माहौल और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं, जहां आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।














