लोकसभा से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर के छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि मोदी सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि नया कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी रोक लगाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
अमित शाह ने छात्रों को दी बधाई, कानून को बताया सख्त
लोकसभा से विधेयक पारित होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, “यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता को भंग करने की हिम्मत करने वालों के लिए सबसे कठोर सजा के कड़े प्रावधान करके हमारे युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करता है.”
उन्होंने आगे कहा, “मोदी सरकार हमारे छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी. हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि उन्हें कानून की पूरी सख्ती का सामना करना पड़े.”
ध्वनि मत से लोकसभा में पास हुआ विधेयक
बुधवार को लोकसभा ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विधेयक पर लंबी चर्चा के बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष, विशेष रूप से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
वहीं, दिल्ली में छात्रों के आंदोलन, कथित पुलिस कार्रवाई और देश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय से जवाब मांगा।
राहुल गांधी के आरोपों से बढ़ा राजनीतिक विवाद
चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश उन्होंने दिया था या नहीं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और उनसे सदन में माफी मांगने की मांग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और तेज हो गया।















