नई दिल्ली: बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहे प्रमुख नेता मीर यार बलोच ने नए साल (2026) के मौके पर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक चिट्ठी लिखकर सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आगाह किया है कि पाकिस्तान और चीन की जुगलबंदी अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गई है और चीन अगले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपनी सेना (PLA) तैनात कर सकता है।
चिट्ठी की 4 बड़ी बातें:
- चीन की सेना की तैनाती का डर:मीर बलोच ने लिखा है कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अपने आखिरी चरण में है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बलूचिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों को मजबूत नहीं किया गया, तो चीन अपने प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा के नाम पर कुछ ही महीनों में वहां अपनी सेना तैनात कर सकता है। यह भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए अकल्पनीय खतरा होगा।
- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तारीफ:बलोच नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की। उन्होंने 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को एक साहसी कदम बताया।
- संदर्भ: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह ऑपरेशन चलाया था।
- हिंगलाज माता और साझा संस्कृति:भारत के साथ 140 करोड़ लोगों को नए साल की बधाई देते हुए उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) का जिक्र किया। उन्होंने इसे भारत और बलूचिस्तान की साझा विरासत और अटूट रिश्तों का प्रतीक बताया।
- 79 सालों का अत्याचार:पत्र में पाकिस्तान द्वारा पिछले 79 सालों से बलूचिस्तान में किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और प्रायोजित आतंकवाद का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ बलोच लोग अपनी मर्जी के खिलाफ अपनी जमीन पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं करेंगे।














