Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार मैदान में उतरी पार्टी जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने यह साफ कर दिया है कि वह खुद किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। एबीपी न्यूज़ की पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद से बातचीत में प्रशांत किशोर ने इसके पीछे की वजह खुद बताई।
पार्टी को जिताना मेरी प्राथमिकता, खुद की नहीं
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चुनाव में उनकी प्राथमिकता पार्टी और उम्मीदवारों को जीत दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट कहा — “मेरे चुनाव न लड़ने से मेरी छवि पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं अपनी नहीं, बिहार की छवि बनाने आया हूं।”
किशोर ने कहा कि इस बार जन सुराज ने मजबूत तैयारी की है और जनता उनके साथ है। उनके मुताबिक, 14 नवंबर को बिहार के राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय लिखा जाएगा।
समय की कमी के कारण नहीं लड़ रहा चुनाव
चुनावी रणनीतिकार से जब यह पूछा गया कि उन्होंने खुद चुनावी मैदान में उतरने से परहेज क्यों किया, तो उन्होंने साफ कहा —
“मैं समय की कमी की वजह से चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। यह कोई रणनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि जिम्मेदारियों की वजह से लिया गया निर्णय है।”
उन्होंने कहा कि जन सुराज के लिए उन्हें राज्यभर में पार्टी की रणनीति और संगठन पर ध्यान देना है।
हम 243 सीटों पर लड़ रहे हैं, एनडीए को होगा नुकसान
जब प्रशांत किशोर से पूछा गया कि क्या जन सुराज के चुनाव लड़ने से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके एनडीए गठबंधन को फायदा होगा, तो उन्होंने इस दावे को खारिज किया।
उन्होंने कहा —“यह गलत बात है। हम बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, और इनमें से कई सीटों पर एनडीए को नुकसान होगा।”
बीजेपी से कोई पर्दे के पीछे समझौता नहीं
जन सुराज और बीजेपी के बीच ‘पर्दे के पीछे’ किसी समझौते की अटकलों पर भी प्रशांत किशोर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा —“ऐसा कुछ नहीं है। मैं पर्दे के पीछे कुछ नहीं करता, जो करता हूं सबके सामने करता हूं।”
उन्होंने दोहराया कि जन सुराज बिहार में एक वैकल्पिक राजनीति की शुरुआत कर रहा है और किसी गठबंधन या बैकडोर राजनीति का हिस्सा नहीं है।














