भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टी की तरफ से अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर दी गई है। जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नामांकन की प्रक्रिया 19 जनवरी को दोपहर से शुरू होगी और अगले ही दिन यानी 20 जनवरी को पार्टी को अपना नया मुखिया मिल सकता है।
‘संगठन पर्व’ और रेस में सबसे आगे कौन?
चुनाव अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) डॉ. के लक्ष्मण ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का पूरा कार्यक्रम साझा किया है। पार्टी ने इस पूरी कवायद को ‘संगठन पर्व 2024’ नाम दिया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाल रहे नितिन नबीन को ही पार्टी की पूर्ण कमान सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि चुनावी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा। पार्टी मुख्यालय में निर्वाचक मंडल (Voter List) की सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है।
नामांकन का समय और पूरा शेड्यूल
चुनाव प्रक्रिया बेहद कम समय में पूरी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने के लिए 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके तुरंत बाद, शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जिन उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेना होगा, वे शाम 5 से 6 बजे के बीच ऐसा कर सकेंगे। शाम साढ़े 6 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान जारी किया जाएगा।
30 राज्यों के 5 हजार से ज्यादा वोटर
यदि निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ और चुनाव की आवश्यकता पड़ी, तो 20 जनवरी को वोटिंग कराई जाएगी। इस विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए 30 राज्यों से कुल 5708 मतदाताओं का इलेक्टोरल रोल तैयार किया गया है। इस लिस्ट में पार्टी के अलग-अलग स्तर के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है जो अध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेंगे।
नए अध्यक्ष के सामने चुनौतियों का पहाड़
बीजेपी के नए अध्यक्ष और उनकी टीम के लिए आने वाला समय अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। पार्टी को जल्द ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का सामना करना है, जहां वर्तमान में केवल असम में ही बीजेपी की सरकार है। इसके बाद अगले साल का कैलेंडर भी व्यस्त है, जब उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में चुनाव होंगे। इन राज्यों के समीकरण भी दिलचस्प हैं—मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है, हिमाचल में कांग्रेस सत्ता में है, तो वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है।














