भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, अनुच्छेद 370, लाल चौक और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि 2019 में धारा 370 हटने के बाद ही जम्मू-कश्मीर के लोगों को वास्तविक आजादी मिली। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं होती तो हालात अलग होते।
जम्मू पहुंचकर कार्यकर्ताओं को किया संबोधित
अपने दौरे की शुरुआत में नितिन नवीन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया और कहा कि जिस पश्चिम बंगाल में कभी भारतीय जनता पार्टी को बाहरी पार्टी कहा जाता था, वहां आज भाजपा का भगवा ध्वज मजबूती से लहरा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोलकाता, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मस्थली है, वहां भी अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
अपने संबोधन में नितिन नवीन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जनसंघ से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में हमेशा कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, ‘आज उस धरती पर आने का मौका मिला है, जिस पुण्य धरती के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया. मैं इस धरती को प्रणाम करता हूं.’
2011 की एकता यात्रा का किया जिक्र
बीजेपी अध्यक्ष ने वर्ष 2011 की राष्ट्रीय एकता यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा की टीम के साथ जम्मू-कश्मीर जाकर लाल चौक पर तिरंगा फहराने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है जब 2011 में राष्ट्रीय एकता यात्रा के माध्यम से मुझे भी जम्मू कश्मीर में तिरंगा फहराने के लिए युवा मोर्चा की टीम के साथ आने का मौका मिला था. हम लोगों ने संकल्प लिया था कि कोलकाता से लेकर कश्मीर की यात्रा करेंगे, जहां पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ और जहां पर उन्होंने बलिदान दिया था.’
कांग्रेस पर साधा निशाना
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि 2011 की यात्रा के दौरान कांग्रेस सरकार इस अभियान से असहज हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रशासन ने लाल चौक पर तिरंगा फहराने की अनुमति देने से इनकार करते हुए कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘उन्हें याद है कि जब उस यात्रा को लेकर वह निकले थे तो देश भर में कांग्रेस की सरकारों को बेचैनी हो गई थी. कांग्रेस नेता पूरे देश में बुरी तरह से बौखला गए थे, उन्हें पता था कि जम्मू कश्मीर के लिए यात्रा एक बड़ा संदेश लेकर आ रही है. 2011 में इसी यात्रा के दौरान जब 22 जनवरी को जब हम कश्मीर गए थे और जब हमने वहां प्रशासन को कहा कि हम भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने चाहते हैं, जब मैं वहां के प्रशासन के लोगों से मिलने गया, उन्होंने कहा था कि कश्मीर की घाटी में अगर तिरंगा लहराएगा तो कश्मीर का अमन चैन खत्म हो जाएगा.’
बोले- धारा 370 हटने के बाद मिली असली आजादी
अपने भाषण में नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहराने की बात सामने आती थी, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्थिति बदल गई।
उन्होंने कहा, ‘यह वह समय था जब दिल्ली में कांग्रेस की हुकूमत थी, कांग्रेस के लोग सत्ता में बैठे थे और वहां से निकलते समय जब हमने देखा तो इस लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा था. दिल्ली में बस बैठी हुई सरकार मौन थी. 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो इस लाल चौक पर तिरंगा झंडा लहरा रहा था. हमें तिरंगा फहराने के लिए कर्फ्यू तक लगाया गया था. जब 2019 में धारा 370 और 35 को समाप्त किया गया और जम्मू कश्मीर के लोगों को असली आजादी तभी मिली.’














