भारत का महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (15 नवंबर) को सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण किया और मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का अब तक 326 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
यात्रा समय में होगी 2 घंटे की कमी, मिलेगा आरामदायक सफर
यह बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलाई जानी है, जिससे इन दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग 2 घंटे कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारत के सबसे महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों में से एक है और देश के हाई स्पीड कनेक्टिविटी युग में प्रवेश का प्रतीक माना जा रहा है। यात्रियों को न सिर्फ तेज स्पीड से यात्रा करने का बल्कि अधिक आरामदायक और सुविधाजनक तरीके से सफर करने का विकल्प भी मिलेगा।
कॉरिडोर का रूट और इंजीनियरिंग
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है:
- 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में है।
- 156 किलोमीटर हिस्सा महाराष्ट्र में आता है।
PMO की तरफ से बताया गया है कि यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।
यह भारत के ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। कॉरिडोर का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा यानी 465 किलोमीटर का रूट पुलों पर बना है, जिसकी वजह से जमीन पर व्यवधान कम होगा और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों और एडवांस्ड इंजीनियरिंग तकनीकों के जरिए तैयार किया जा रहा है।
सूरत स्टेशन का डिजाइन हीरा उद्योग से प्रेरित
बुलेट ट्रेन के सूरत स्टेशन का डिजाइन शहर के विश्व प्रसिद्ध हीरा उद्योग से प्रेरित है, जो इसकी भव्यता और दक्षता दोनों को दिखाता है। इस हाईटेक स्टेशन को यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें विशाल वेटिंग रूम, शौचालय और रिटेल शॉप्स भी शामिल हैं।














