देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा (Angel Chakma) की हत्या के मामले में एक नया और अहम मोड़ आया है। अब तक जहां इसे नस्लीय भेदभाव (Racial Discrimination) और टिप्पणी से जुड़ा मामला माना जा रहा था, वहीं देहरादून पुलिस ने जांच के बाद इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है।
SSP का दावा: पार्टी में हुआ था झगड़ा, नस्लीय टिप्पणी नहीं
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि यह हत्या नस्लीय विवाद का नतीजा नहीं थी।
- क्या हुआ था: एसएसपी ने बताया कि 6 युवक पार्टी के लिए जमा हुए थे, जिनमें एक मणिपुर का निवासी भी शामिल था। बातचीत के दौरान उनके बीच किसी बात पर कहासुनी हुई, जो हिंसक झड़प में बदल गई।
- पुलिस का बयान: उन्होंने कहा, “नस्लीय टिप्पणी को लेकर कोई घटना नहीं हुई है. अभी जांच चल रही है.”
5 गिरफ्तार, 1 नेपाल भागा
पुलिस ने बताया कि घटना की शिकायत 24 घंटे बाद मिली थी। कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, एक आरोपी अभी फरार है और पुलिस को शक है कि वह नेपाल भाग गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है।
CM धामी ने पिता से की बात, दिया भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक छात्र के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात की। सीएम ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि:
- दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
- सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता करेगी।
क्या था मामला?
जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए (MBA) फाइनल ईयर के छात्र एंजेल चकमा 9 दिसंबर की शाम अपने भाई के साथ दुकान पर गए थे। आरोप है कि वहां नशे में धुत युवकों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।














