मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ लॉन्च करने के लिए तैयार हैं। अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक कबीर ने पार्टी के औपचारिक ऐलान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी की कद-काठी का सम्मान करते हुए खुद को एक साधारण इंसान बताया।
“पीएम मोदी का कद बड़ा, मैं तो आम इंसान हूँ”
हुमायूं कबीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे देश के सबसे बड़े नेता हैं और एक सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। कबीर ने विनम्रता दिखाते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे बड़े नेता हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए। वह सबसे बड़े संवैधानिक पद पर हैं। मैं बस एक आम इंसान हूं, मेरे साथ उनकी कोई तुलना नहीं होनी चाहिए।”
हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह पिछले 43 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जैसे दिग्गजों के साथ रैलियां कर चुके हैं।
‘जनता उन्नयन पार्टी’ के जरिए ममता और बीजेपी को चुनौती
हुमायूं कबीर आज मुर्शिदाबाद के मिर्जापुर (बेलडांगा के पास) से अपनी पार्टी की घोषणा करेंगे। यह वही स्थान है जहाँ उन्होंने हाल ही में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति (Replica) की नींव रखी है। कबीर का लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनावों में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले लोगों को एक मंच प्रदान करना है।
“कांग्रेस, वामदल और ISF साथ आएं, पर अहंकार छोड़ें”
गठबंधन की संभावनाओं पर हुमायूं कबीर ने अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल बीजेपी और टीएमसी दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अन्य विपक्षी दलों को न्योता देते हुए कहा:
“मैं उन सभी ताकतों को आमंत्रित कर रहा हूं जो ममता बनर्जी और बीजेपी के खिलाफ हैं। मैं सीटों के बंटवारे के लिए तैयार हूं। लेकिन अगर कोई खुद को सबसे बड़ा समझता है, तो मैं अकेले चुनाव लड़ूंगा। जरूरत पड़ी तो मैं बंगाल की सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा।”
बाबरी मस्जिद और ओवैसी कनेक्शन
हुमायूं कबीर ने हाल ही में भरतपुर में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद के निर्माण की घोषणा कर सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके बाद टीएमसी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ भी बातचीत की पुष्टि की है और दावा किया है कि राज्य के 90 अल्पसंख्यक बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका निभाएगी। अब देखना यह होगा कि कबीर की यह नई सियासी पारी बंगाल के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करती है।














