ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों से नेता, धार्मिक प्रतिनिधि और गणमान्य लोग तेहरान पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में भारत से भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के अलावा विभिन्न राजनीतिक नेताओं और अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरुओं ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित समारोह की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें भारतीय धर्मगुरु खामेनेई के ताबूत के सामने प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं।
भारत से महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद भी पहुंचे ईरान
ईरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में भारत की ओर से पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी शामिल हुए। भारत में ईरान के दूतावास ने दोनों नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए दुनियाभर से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचे हैं।
भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी हुआ रवाना
भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर तेहरान पहुंचे हैं। अंतिम संस्कार समारोह में कई देशों के वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।
ताबूत के सामने भारतीय धर्मगुरुओं ने की प्रार्थना
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि भारत से पहुंचे हिंदू और सिख धर्मगुरुओं सहित विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के ताबूत के सामने प्रार्थना की। वहीं, अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। ग्रैंड मोसल्ला में रखे गए उनके पार्थिव शरीर को लाल झंडे से ढका गया है और अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है।
चार महीने बाद हो रहा अंतिम संस्कार
ईरान के राष्ट्रपति ने इस अवसर को राष्ट्रीय एकता के नए दौर की शुरुआत बताया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हुई थी। सुरक्षा कारणों और युद्ध की परिस्थितियों के चलते अंतिम संस्कार को कई महीनों तक टाल दिया गया था। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामी परंपराओं का पालन करते हुए शरीर को संरक्षित रखने के लिए रासायनिक प्रक्रिया का उपयोग नहीं किया गया। सुरक्षा कारणों से वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को भी अंतिम संस्कार समारोह से दूर रखा गया है।















