ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की स्मृति में आयोजित होने वाले राजकीय श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। ईरान के कई शहरों में 4 से 9 जुलाई तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों के साथ कई देशों के वीआईपी प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजा गया था निमंत्रण
ईरान सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। ईरानी मीडिया के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी।
इसके बाद 6 और 7 जुलाई को राजधानी तेहरान और मध्य ईरान के शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अंतिम चरण का कार्यक्रम 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में आयोजित होगा, जहां दिवंगत नेता को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
अमेरिका-इजरायल एयरस्ट्राइक में हुई थी खामेनेई की मौत
ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक में मौत हो गई थी। इसके बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया।
मार्च में खामेनेई की मौत को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए एक ऐतिहासिक हमले का परिणाम बताया गया था। इस घटना को ईरान में 46 वर्षों से चले आ रहे शिया धर्मतांत्रिक शासन के लिए एक बड़ा मोड़ माना गया। वहीं तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष और अधिक बढ़ गया।
हमले में खामेनेई के चार रिश्तेदारों की भी गई थी जान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की घोषणा की थी। खामेनेई 86 वर्ष के थे और पिछले 36 वर्षों से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे थे।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में खामेनेई के चार रिश्तेदारों की भी मौत हुई थी। इनमें उनकी बेटी, एक नाती/पोता और उनके दामाद भी शामिल थे।















