भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) को लेकर देशभर में नागरिकता और पहचान के प्रमाण को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच चुनाव आयोग (ECI) ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान भारतीय पासपोर्ट को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता है।
SIR प्रक्रिया में वैध दस्तावेज है भारतीय पासपोर्ट
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या पात्रता साबित करने के लिए जिन 12 वैध दस्तावेजों को स्वीकार किया जाता है, उनमें भारतीय पासपोर्ट भी शामिल है। आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भी यह व्यवस्था पहले की तरह लागू है।
आयोग का कहना है कि पासपोर्ट उन दस्तावेजों में शामिल है, जिन्हें मतदाता सूची में नया पंजीकरण कराने या अपना नाम बनाए रखने के लिए आवेदन के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।
“नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया”
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “पासपोर्ट पहचान साबित करने वाले कागजातों में पहले भी शामिल था और अभी भी शामिल है.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी प्रकार का नया बदलाव नहीं किया गया है और पहले से लागू नियम ही जारी हैं।
बिहार और असम समेत अन्य राज्यों में भी लागू है यही व्यवस्था
चुनाव आयोग के मुताबिक बिहार और असम में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अलावा अन्य राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान भी भारतीय पासपोर्ट को लगातार उन 12 मान्य दस्तावेजों में शामिल रखा गया है, जिनके आधार पर मतदाता अपना पंजीकरण करा सकते हैं या सूची में अपनी पात्रता बनाए रख सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के बयान के बाद आई चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग का यह स्पष्टीकरण विदेश मंत्रालय के हालिया बयान के बाद सामने आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है और इसे अपने आप में भारतीय नागरिकता का कानूनी प्रमाण नहीं माना जा सकता।
विदेश मंत्रालय ने नागरिकता को लेकर क्या कहा?
14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि विदेश में रहने के दौरान भारतीय पासपोर्ट किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता (Nationality) दर्शाता है, लेकिन भारतीय नागरिकता (Citizenship) का निर्धारण अलग कानूनी प्रावधानों के तहत किया जाता है।
यही वजह है कि पासपोर्ट और नागरिकता के कानूनी प्रमाण को लेकर अलग-अलग संदर्भों में अलग प्रावधान लागू होते हैं। जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए भारतीय पासपोर्ट 12 मान्य दस्तावेजों में शामिल है।















