लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 27 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए निर्णय नहीं लिया गया, तो 28 सितंबर 2026 से प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
संघ के अनुसार, पिछले कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों और शासन के अधिकारियों के साथ लगातार वार्ता और रैलियों के माध्यम से अपनी समस्याएं रखी जा रही थीं। विगत बैठकों और आश्वासनों के बावजूद, हाल के दिनों में शासन द्वारा लिए जा रहे निर्णयों से शिक्षा मित्रों की उपेक्षा की जा रही है, जिससे उनके बीच भारी असंतोष व्याप्त है।
मुख्य मांगें एवं असंतोष के कारण:
- स्थानांतरण आदेश का पालन न होना: 03 जनवरी 2025 को जारी स्थानांतरण नीति का अनुपालन नहीं किया गया।
- विभागीय टेट (TET) में उपेक्षा: विभागीय टेट में शिक्षा मित्रों को शामिल नहीं किया गया, जबकि अन्य मान्यता प्राप्त/सहायता प्राप्त संविदा कर्मचारियों को अवसर दिया गया।
- सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि: बार-बार मांग के बावजूद अन्य कर्मचारियों की भांति सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष न करना।
- भर्ती में भारांक (Weightage) की कमी: TET उत्तीर्ण शिक्षा मित्रों को नई शिक्षक भर्ती में पूर्व की भांति 25 अंकों का भारांक या वरीयता न दिया जाना।
- नियमितीकरण न होना: TET उत्तीर्ण शिक्षा मित्रों को नियमित करने की स्पष्ट व्यवस्था न करना।
शिक्षा मित्र संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की समस्त जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन एवं प्रशासन की होगी।















