पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने अपनी पहली चुनावी रैली में भारतीय जनता पार्टी और चुनावी व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था, जिसमें उन्होंने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए।
बालीगंज रैली में केजरीवाल का बड़ा हमला
पश्चिम बंगाल के बालीगंज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘पूरे देश की मिलिट्री को यहां बंगाल में बुलाया गया है, आखिर इसकी क्या जरूरत थी? क्या बंगाल के लोग आतंकवादी हैं? यह बंगाल के लोगों का अपमान है. राज्य में साढ़े तीन लाख मिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है. आखिर उन्हें किस बात का डर है?’
यह रैली दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई थी, जहां केजरीवाल तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सोभनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
केंद्र सरकार और BJP पर गंभीर आरोप
केजरीवाल ने Bharatiya Janata Party और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, ‘एक साल पहले, मुझे झूठे केस में जेल में डाल दिया गया था. इसके बाद कोर्ट का फैसला आया. कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ सारे आरोप झूठे हैं. केजरीवाल पूरी तरह से सच्चे और ईमानदार हैं.’
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘मतदाता सूची में उन्होंने फर्जी वोटर बनाए और देश के सभी राज्यों में बनाए. वे उन हजारों फर्जी वोटरों को बंगाल में वोट देने के लिए लेकर आ रहे हैं. इस तरह से मोदी चुनाव को जीतना चाहते हैं. इसके अलावा, पीएम मोदी के तीन दोस्त हैं- ईडी, सीबीआई और ज्ञानेश कुमार.’
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच इस बयानबाजी ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। केजरीवाल के आरोपों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और इसका चुनावी माहौल पर क्या असर पड़ता है।














