देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के बाहर हुए कार ब्लास्ट मामले में एक अहम मोड़ आया है। गिरफ्तार आरोपी आतंकी जसीर बिलाल वानी ने एनआईए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें उसने एनआईए हेडक्वार्टर में अपने वकील से मुलाकात की अनुमति मांगी है। पटियाला हाउस स्थित एनआईए कोर्ट आज (शुक्रवार, 21 नवंबर) उसकी इस अर्जी पर सुनवाई करेगी।
आतंकी पर तकनीकी मदद का आरोप
एनआईए के अनुसार, अनंतनाग के काजीगुंड (कश्मीर) का रहने वाला जसीर बिलाल वानी आतंकी उमर-उन-नबी का करीबी और सक्रिय सह-साजिशकर्ता है।
- गिरफ्तारी और कस्टडी: वानी को 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल 10 दिन की एनआईए कस्टडी में है।
- तकनीकी भूमिका: जांच एजेंसी का दावा है कि वानी पर यह भी आरोप है कि वह ड्रोन को मॉडिफाई करके और धमाके से पहले रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमलों को अंजाम देने में तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा था।
- साजिश में शामिल: जांचकर्ताओं का कहना है कि वानी इस हमले की प्लानिंग में शुरू से ही शामिल था और हमले को अंजाम देने के लिए तकनीकी सपोर्ट देने का काम कर रहा था।
एजेंसी ने वानी को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना की अदालत में पेश किया था, जहां से उसे 10 दिन की हिरासत में भेजा गया था।














