नई दिल्ली: लेह हिंसा मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को सुनवाई करेगा। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की ओर से दायर की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी। याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है।
एनएसए के तहत गिरफ्तारी
लेह पुलिस ने 24 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों के बाद 26 सितंबर, 2025 को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें राजस्थान के जोधपुर स्थित जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने उन पर लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।
हिंसा की पृष्ठभूमि
सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूचि में शामिल कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन 24 सितंबर को उनका आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने भाजपा कार्यालय में आगजनी की और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान चार लोगों की मौत भी हुई।
हिंसा के बाद पुलिस ने वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि उन्होंने हालात बिगड़ने के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी थी।














