नई दिल्ली: NEET परीक्षा विवाद को लेकर देश में जारी राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सरकारी सूत्रों ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस पूरे मामले पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और पेपर लीक प्रकरण में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले की शुरुआत में ही पेपर लीक की घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए आवश्यक कदम उठाने की बात कही थी। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच कराई और परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक उपाय लागू किए। सूत्रों का दावा है कि ऐसे में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग राजनीतिक कारणों से उठाई जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार मामले की तह तक पहुंचने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटी हैं। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार NEET परीक्षा और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक की घटनाओं को “घोर पाप” बता चुके हैं और सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है।















