देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कार और दोपहिया वाहनों के इंजन में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, वर्ष 2016 से पहले बने कुछ पुराने वाहनों में रबर के कुछ पार्ट्स और गैस्केट बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
E20 पेट्रोल से इंजन पर नहीं पड़ेगा असर: गडकरी
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में नितिन गडकरी ने बताया कि E20 पेट्रोल के प्रभाव का अध्ययन इंडियन ऑयल (IOC), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने संयुक्त रूप से किया है।
उन्होंने कहा कि अध्ययन में पाया गया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से कारों और दोपहिया वाहनों के इंजन में किसी प्रकार के तकनीकी बदलाव की आवश्यकता नहीं होती। यहां तक कि पुराने वाहनों में भी इंजन की कार्यक्षमता, ड्राइविंग प्रदर्शन, स्टार्टिंग क्षमता और धातु या प्लास्टिक के पुर्जों पर कोई असामान्य प्रभाव नहीं देखा गया।
किन वाहनों में बदलने पड़ सकते हैं रबर पार्ट्स?
सरकार ने स्पष्ट किया कि केवल BS-III मानकों वाले कुछ पुराने वाहनों में ही रबर के कुछ पार्ट्स और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। यह उन वाहनों पर लागू हो सकता है जिनका निर्माण 1 अप्रैल 2005 के बाद लागू BS-III मानकों के तहत हुआ था और जो वर्ष 2016 से पहले बने थे।
सरकार के अनुसार, यह बदलाव सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से किया जा सकता है और इसके लिए किसी बड़े तकनीकी संशोधन की आवश्यकता नहीं होती।
माइलेज को लेकर सरकार ने क्या कहा?
नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी वाहन का माइलेज केवल ईंधन के प्रकार पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग स्टाइल, इंजन की नियमित सर्विसिंग, समय पर इंजन ऑयल बदलना, एयर फिल्टर की सफाई, सही टायर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और एयर कंडीशनर का उपयोग जैसे कई अन्य कारक भी ईंधन दक्षता को प्रभावित करते हैं।
E20 लागू करने से पहले किए गए व्यापक परीक्षण
सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले व्यापक स्तर पर लैब परीक्षण, फील्ड ट्रायल और विशेषज्ञ संस्थाओं से वैलिडेशन कराया गया था। इसके अलावा नीति आयोग की अंतर-मंत्रालयी समिति ने भी वाहन अनुकूलता, इंजन प्रदर्शन, माइलेज, उत्सर्जन और ईंधन दक्षता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया था।
सरकार ने यह भी बताया कि जून 2021 में जारी ‘Roadmap for Ethanol Blending in India 2020-25’ इसी तैयारी का हिस्सा था।
इंजन फेल होने की शिकायतों पर सरकार की सफाई
सरकार ने SIAM के हवाले से कहा कि E20 पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या वाहनों में गंभीर खराबी आने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। सरकार के अनुसार, इंजन प्रदर्शन और माइलेज को लेकर उठ रही अधिकांश चिंताएं सार्वजनिक चर्चाओं और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों तक ही सीमित हैं और अब तक इनके समर्थन में कोई व्यापक तकनीकी प्रमाण नहीं मिले हैं।















