केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सड़कों की खराब स्थिति पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा — “अगर सड़क पर गड्ढे हैं तो मैं क्यों गाली खाऊं?” उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सड़क की जिम्मेदारी तय होगी और जनता सीधे यह जान सकेगी कि उस सड़क के निर्माण और रखरखाव के लिए कौन अधिकारी या ठेकेदार जिम्मेदार है।
हर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगेगा QR कोड
गडकरी ने घोषणा की है कि अब देश के हर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर QR कोड वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। इस कोड को स्कैन करके कोई भी व्यक्ति यह जान सकेगा कि उस सड़क का ठेकेदार कौन है, डिजाइन किस कंसल्टेंट ने तैयार किया है और कौन सरकारी अधिकारी उस सड़क की देखरेख कर रहा है।
उन्होंने कहा, “अगर सड़क खराब है और लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं, तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि जिम्मेदारी किसकी है। मैं क्यों गाली खाऊं? QR कोड में सबकी जानकारी होगी ताकि जनता सीधे सही जगह सवाल पूछ सके।”
जवाबदेही और पारदर्शिता पर गडकरी का फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब सड़क निर्माण में जवाबदेही और पारदर्शिता अनिवार्य होगी। इसके लिए परफॉर्मेंस ऑडिट सिस्टम शुरू किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि डिजाइन या रखरखाव में कहां कमी रह गई। अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
गडकरी ने कहा, “जब नियमित ऑडिट होंगे तो पारदर्शिता बढ़ेगी और बहाने खत्म होंगे।”
टोल टैक्स के बदले चाहिए इंटरनेशनल क्वालिटी की सड़कें
गडकरी ने कहा कि जब जनता टोल टैक्स देती है तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सड़कों का हक है। उन्होंने कहा, “मौसम या खराब डामर कोई बहाना नहीं हो सकता। सड़कें आरामदायक और सुरक्षित होनी चाहिए। खर्च बढ़ जाए, लेकिन क्वालिटी से समझौता नहीं होगा।”
अब हर प्रोजेक्ट का वीडियो यूट्यूब पर
कार्यक्रम में सड़क परिवहन सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि अब NHAI और निर्माण कंपनियों को अपने हर प्रोजेक्ट की वीडियो रिपोर्ट यूट्यूब पर अपलोड करनी होगी। इससे जनता को काम की प्रगति की जानकारी मिलेगी और वे अपनी राय दे सकेंगे।
उन्होंने कहा, “कई बार हमें प्रोजेक्ट की जानकारी स्वतंत्र यूट्यूबर्स के वीडियो से मिलती है। इसलिए अब वीडियो अपलोडिंग को कॉन्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनाया जा रहा है।”
2 लाख करोड़ की योजना से बदलेगी सड़कों की तस्वीर
गडकरी ने बताया कि सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये की योजना के तहत देशभर में 25,000 किलोमीटर सड़कों को चार लेन में बदलने का लक्ष्य रखा है। इससे बंदरगाहों को जोड़ा जाएगा और धार्मिक पर्यटन व एडवेंचर ट्रैवल को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अब हाईवे निर्माण में प्रीकास्ट तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है, जिससे काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।











