बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) को 10वीं बार पद और गोपनीयता की शपथ ली। नई सरकार के 26 सदस्यीय मंत्रिमंडल में अनुभव और नवीनता का मिश्रण है, जहां पुराने अनुभवी नेताओं के साथ 10 नए चेहरों को शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल गठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
जातीय समीकरण: किस वर्ग से कितने मंत्री (कुल 27 सदस्य)
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मंत्रिमंडल की संरचना से नीतीश कुमार का सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास स्पष्ट झलकता है:
| वर्ग | मंत्रियों की संख्या |
| सवर्ण (Upper Caste) | 8 |
| ओबीसी/ईबीसी (OBC/EBC) | 13 |
| दलित | 5 |
| मुस्लिम | 1 |
| कुल सदस्य | 27 (मुख्यमंत्री समेत) |
प्रमुख दलों को मिले मंत्री पद
राज्य मंत्रिमंडल की अधिकतम सीमा मुख्यमंत्री समेत 36 सदस्यों की है, लेकिन शुरुआती गठन में 27 सदस्यों को शामिल किया गया है।
- बीजेपी: 14 मंत्री
- जेडीयू: 8 मंत्री
- एलजेपी (रामविलास): 2 मंत्री
- एचएएम (HAM): 1 मंत्री
- आरएलएम (RLM): 1 मंत्री
पुराने दिग्गज और 10 नए चेहरे
बीजेपी के पुराने मंत्री और वापसी
- बरकरार: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा अपनी पिछली भूमिकाओं में बने रहे।
- वापसी: पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, सुरेंद्र प्रसाद मेहता और नितिन नविन को दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया। दिलीप जायसवाल और नारायण प्रसाद ने भी मंत्रिमंडल में वापसी की।
जेडीयू के अनुभवी चेहरे
- बरकरार: बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार को मंत्रिमंडल में बरकरार रखा गया है।
यादव, ईबीसी और महिला संदेश
- ईबीसी पर फोकस: नए चेहरों में जमुई से बीजेपी विधायक और शूटिंग खिलाड़ी रह चुकीं श्रेयसी सिंह (पहली बार मंत्री) और औराई की विधायक रमा निषाद (पूर्व केंद्रीय मंत्री जय नारायण निषाद की बहू) शामिल हैं। इन्हें ईबीसी मल्लाह समुदाय के प्रति पार्टी की पहुंच बढ़ाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
- यादव चेहरा: बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव ने मंत्रिमंडल में वापसी की। उन्होंने दानापुर विधानसभा सीट से आरजेडी के रितलाल यादव को हराया था।
- महिला मंत्री: मंत्रिमंडल में कुल तीन महिला मंत्री हैं, जिनमें जदयू की लेसी सिंह और पहली बार मंत्री बनीं श्रेयसी सिंह तथा रमा निषाद शामिल हैं।
- मुस्लिम चेहरा: जामा खान एकमात्र मुस्लिम मंत्री हैं।
सहयोगी दलों और गैर-विधायकों का समायोजन
- एचएएम: पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन को मंत्री बनाया गया है।
- आरएलएम (उपेंद्र कुशवाहा): आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को भी कैबिनेट में जगह मिली है, हालांकि वे विधायक नहीं हैं। उम्मीद है कि दीपक को छह महीने के भीतर विधान परिषद में भेजा जा सकता है।
- एलजेपी (रामविलास): संजय कुमार सिंह और संजय कुमार को मंत्री पद दिया गया है।
बाहर हुए तीन प्रमुख नेता
नए मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री नितीश मिश्रा, जीवेश मिश्रा और संजय सरावगी को जगह नहीं मिली है।














