बैंक खाते को PAN कार्ड से लिंक कराना कई वित्तीय प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर बैंक से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां आयकर विभाग की जांच में बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खाते मिले, जो PAN से लिंक नहीं थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन किए गए थे।
1.54 लाख बैंक अकाउंट PAN से नहीं थे लिंक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आयकर विभाग की जांच में पता चला कि जम्मू-कश्मीर बैंक के करीब 1.54 लाख बैंक खाते PAN कार्ड से लिंक नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन किए गए थे, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
Form 60 जमा करने वाले खातों की भी हुई जांच
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कई खाताधारकों ने PAN कार्ड के बजाय Form 60 जमा किया था। इसके बावजूद संबंधित खातों को बाद में PAN से लिंक नहीं किया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों ने यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की कि कहीं इस मामले में बैंकिंग और कर संबंधी नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
इनकम टैक्स विभाग ने बैंक से मांगा रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर बैंक से संबंधित खातों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सभी नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं, और इतनी बड़ी संख्या में खाते PAN से लिंक न होने के पीछे क्या कारण थे।
बैंक ने शुरू किया PAN लिंक कराने का अभियान
रिपोर्ट के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर बैंक ने खातों को PAN से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैंक को इस संबंध में अपनी रिपोर्ट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी सौंपनी है।
क्या बैंक पर लग सकता है जुर्माना?
फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो बैंक पर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
PAN लिंक न होने पर ग्राहकों को हो सकती हैं ये दिक्कतें
यदि बैंक अकाउंट PAN से लिंक नहीं है, तो ग्राहकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें बैंक अकाउंट की प्री-वैलिडेशन में समस्या, आयकर रिफंड मिलने में देरी और बड़े वित्तीय लेनदेन की स्थिति में आयकर विभाग की जांच जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।










