Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) एक नए विवाद में फंस गए हैं। मामला उनके दो वोटर आईडी कार्ड का है — एक बिहार और दूसरा पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में दर्ज बताया जा रहा है। इस पर सियासी बवाल मचने के आसार हैं।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हालांकि अब तक बंगाल की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
प्रशांत किशोर ने नया वोटर कार्ड बनवाया था
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने बिहार लौटने के बाद फॉर्म-6 भरकर नया वोटर आईडी कार्ड बनवाया था। जबकि नियमों के मुताबिक, यह फॉर्म केवल पहली बार मतदाता बनने वालों के लिए होता है।
फॉर्म-6 में यह शपथ-पत्र भी शामिल होता है कि व्यक्ति के पास किसी अन्य क्षेत्र में कोई और वोटर आईडी कार्ड नहीं है। अगर यह जानकारी गलत पाई जाती है, तो दो साल की सजा का प्रावधान है।
क्या कहते हैं नियम?
नियमों के अनुसार, अगर किसी मतदाता को अपना नाम एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित कराना होता है, तो उसे फॉर्म-8 भरना चाहिए। इस फॉर्म के जरिए वोटर लिस्ट में संशोधन या स्थानांतरण कराया जाता है।
लेकिन प्रशांत किशोर ने फॉर्म-8 की बजाय फॉर्म-6 भरकर नया वोटर कार्ड बनवाया, जिससे अब यह मामला चुनाव आयोग की जांच के दायरे में आ गया है। आयोग ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद अगला कदम तय किया जाएगा।
बिहार में कब होंगे चुनाव?
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे —
- पहला चरण: 6 नवंबर
- दूसरा चरण: 11 नवंबर
जबकि 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
जन सुराज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है और अब वह एनडीए गठबंधन और महागठबंधन दोनों से सीधी टक्कर लेने की तैयारी में है।











