धर्मनगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले (Magh Mela 2026) में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यहां महज 48 घंटों के भीतर आग लगने की यह तीसरी घटना सामने आई है, जिससे हड़कंप मच गया है। ताजा हादसा पुरानी रेलवे लाइन के पास स्थित एक कैंप में हुआ, जहां देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग की टीम जब तक आग बुझाने की कोशिश करती, उससे पहले ही टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक बुरी तरह झुलस गया है, जिसे इलाज के लिए एसआरएन (SRN) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। माघ मेला के प्रमुख फायर ऑफिसर अनिमेष मिश्रा ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “रात 11:08 बजे हमें जानकारी मिली कि गणपति और अन्नपूर्णा मार्ग के चौराहे पर पुराने रेलवे पुल के पास एक कैंप में आग लग गई है. हमारी गाड़ियां दो मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गईं और आठ फायर टेंडर भी आ गए. आग पर तुरंत काबू पा लिया गया.”
अखंड ज्योति बनी हादसे की वजह?
आग लगने के कारणों की शुरुआती जांच में पूजा के लिए जलाई गई अखंड ज्योति को जिम्मेदार माना जा रहा है। फायर ऑफिसर ने पुष्टि की कि एक युवक इस घटना में घायल हुआ है। उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया यह पता लगा है कि अखंड ज्योति जलने के कारण यह आग लगी. हालांकि, सही वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.” वहीं, कैंप इंचार्ज योगेश मिश्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “वहां एक अखंड ज्योति जल रही थी. ऐसा लगता है कि जो कुछ भी हुआ, वह उसी वजह से हुआ होगा. उस समय मेरा भतीजा सो रहा था. जब तक आस-पास के लोगों ने देखा, तब तक टेंट में आग लग चुकी थी. लोगों ने उसे बचाया और उसके बाद अस्पताल भेजा गया.”
कल्पवासियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
हादसे के वक्त टेंट में मौजूद कल्पवासियों ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। कल्पवासी शिव देवी मिश्रा ने उस रात की आपबीती सुनाते हुए कहा, “आग लगने के कारणों का नहीं पता है. किसी ने पुलिस को बताया कि सेक्टर नंबर पांच में आग लग गई है. जब पुलिस आई और दरवाजा तोड़ा, तो हमारी आंखें अचानक खुल गईं. उस समय हमारी बहन और हमारे परिवार के लोग सो रहे थे.” उन्होंने आगे बताया, “बाहर निकलने पर देखा तो बाहर आग के कारण उजाला हो रहा था. मैंने सभी को जगाया और जल्दी से बाहर निकलने के लिए बोला. हम समय रहते ही वहां से निकल गए, लेकिन बाद में देखा तो वहां सब जल चुका था.”














