Russia Oil Issue: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित दीवाली समारोह के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत रूस से बहुत अधिक तेल नहीं खरीदेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द अंत के पक्ष में हैं और अमेरिका-भारत के बीच संबंध “बहुत मजबूत और सकारात्मक” हैं.
“भारत-रूस तेल व्यापार में भारी कमी आई” — ट्रंप
मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) को व्हाइट हाउस में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए आयोजित समारोह में ट्रंप ने कहा,
“मैंने आज प्रधानमंत्री मोदी से बात की. हमारे बीच व्यापार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई. मोदी एक महान व्यक्ति हैं, और मेरे अच्छे मित्र बन गए हैं. उन्होंने रूस से तेल खरीद में काफी कटौती की है और वे इसे और भी कम कर रहे हैं.”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का अंत चाहते हैं.
“वह मेरी तरह ही चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो. भारत अब रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं खरीदेगा,” ट्रंप ने कहा.
व्हाइट हाउस में भारतीय समुदाय संग दीवाली उत्सव
दीवाली कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी व्यापारिक नेताओं और समुदाय के प्रमुख सदस्यों की मेजबानी की. ओवल ऑफिस में पारंपरिक तरीके से दीप जलाते हुए उन्होंने भारत और भारतीय-अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं.
उन्होंने कहा,
“मुझे भारत के लोग बहुत पसंद हैं… भारत और अमेरिका कुछ शानदार समझौतों पर काम कर रहे हैं.”
पाकिस्तान पर भी हुई चर्चा
ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी मोदी से बातचीत भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी हुई.
“हमने थोड़ी देर पहले बात की थी कि पाकिस्तान के साथ कोई युद्ध न हो. भारत और पाकिस्तान के बीच अब कोई युद्ध नहीं है, यह बहुत अच्छी बात है,” उन्होंने कहा.
ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के हालिया सैन्य तनाव को सुलझाने में भूमिका निभाई, जबकि भारत ने स्पष्ट किया था कि मई में हुआ संघर्ष विराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों (DGMO) के बीच सीधे संवाद से हुआ था.
तेल व्यापार पर अमेरिका की नाराज़गी
अमेरिका लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि भारत के रूस से कच्चा तेल खरीदने से रूस को युद्ध के लिए वित्तीय सहायता मिल रही है.
ट्रंप प्रशासन ने पहले ही भारतीय वस्तुओं पर शुल्क दोगुना (50%) कर दिया था, जिसमें से 25% शुल्क रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया था. भारत ने इस कदम को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अकारण” करार दिया था.
भारत का जवाब – “ऊर्जा स्रोत विविध बनाना हमारी नीति”
ट्रंप के इस दावे के कुछ घंटों बाद भारत ने प्रतिक्रिया दी थी कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को विविध और व्यापक स्रोतों से पूरा करने की नीति पर कायम है. भारत ने कहा कि वह बाज़ार की परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप निर्णय लेता रहेगा.













