Sabarimala Gold Plating Scam: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट में हुए खुलासे के बाद पता चला कि प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी ने मंदिर में सोने की परत के काम के बाद बचा हुआ सोना अपनी बहन की शादी में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। अब इस पूरे मामले में अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए सतर्कता जांच और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है।
अदालत का बड़ा आदेश
सोमवार को केरल हाईकोर्ट ने मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों पर सोने या तांबे की परत में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए आदेश जारी किया। कोर्ट ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एच. वेंकटेश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की है, जो 6 सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करेगी। इस जांच की निगरानी त्रिशूर के केईपीए के सहायक निदेशक एस. शशिधरन (IPS) करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
मामला मंदिर के गर्भगृह के बाहर द्वारपालक की पत्थर की मूर्तियों पर चढ़ाई गई सोने की परत से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने इन पैनलों को मरम्मत के लिए हटाकर उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंप दिया था।
- 2019 में पहली बार स्वर्ण-प्लेटेड पैनल हटाए गए थे।
- 39 दिन बाद इन्हें 38.258 किलो वजन के साथ लौटाया गया, जबकि 4.541 किलो सोना कम पाया गया।
- सितंबर 2025 में दोबारा मरम्मत के नाम पर पैनल हटाए गए, लेकिन इस बार कोर्ट की अनुमति नहीं ली गई।
- जांच में पोट्टी की बहन के तिरुवनंतपुरम स्थित घर से दो पेडस्टल बरामद किए गए।
इसी दौरान खुलासा हुआ कि पोट्टी ने बचा सोना अपनी बहन की शादी में उपयोग करने की अनुमति मांगी थी।
विपक्ष ने मांगा मंत्री का इस्तीफा
इस विवाद के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने देवस्वम बोर्ड मंत्री वी.एन. वासवन से इस्तीफे की मांग की है। सोमवार को विपक्षी दलों ने विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष का कहना है कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, वे सदन नहीं चलने देंगे।
देवस्वम बोर्ड का पक्ष
बोर्ड ने सोने की चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
बोर्ड के अनुसार —
- 14 स्वर्ण-प्लेटेड पैनलों का कुल वजन 38 किलो था, जिनमें 397 ग्राम सोना शामिल था।
- 12 पैनल (22 किलो 281 ग्राम वजन, 291 ग्राम सोना) मरम्मत के लिए भेजे गए थे।
- मरम्मत के दौरान 10 ग्राम अतिरिक्त सोने का उपयोग किया गया।
- काम पूरा होने के बाद सभी पैनल कोर्ट के निर्देशानुसार मंदिर को लौटा दिए गए, जिनमें अब 407 ग्राम सोना पाया गया।
बोर्ड ने यह भी बताया कि 2019 में मरम्मत के समय “स्मार्ट क्रिएशन्स” और उन्नीकृष्णन पोट्टी ने 40 साल की वारंटी दी थी। इसलिए 2025 में भी वही स्पॉन्सर शामिल रहा।













