US H-1B Visa News: ट्रंप प्रशासन ने एक नया वीडियो जारी कर एच-1बी वीजा के दुरुपयोग पर कड़ा संदेश दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Labor Department) की ओर से जारी इस वीडियो में दावा किया गया है कि विदेशी कर्मचारियों की वजह से अमेरिकी युवाओं के रोजगार और सपनों पर असर पड़ा है।
भारत के आंकड़े दिखाकर जताई चिंता
वीडियो में एक पाई-चार्ट के ज़रिए बताया गया है कि एच-1बी वीजा धारकों में सबसे बड़ा हिस्सा भारत का है — कुल 72 प्रतिशत। इसके साथ ऑडियो में कहा गया है, “विदेशी कर्मचारियों ने अमेरिकी लोगों से उनके सपने छीन लिए हैं.”
‘कंपनियों ने किया H-1B वीजा का दुरुपयोग’
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा कि कई कंपनियों ने नेताओं और नौकरशाहों की लापरवाही का फायदा उठाकर एच-1बी वीजा का दुरुपयोग किया। वीडियो में यह भी कहा गया, “विदेशी कर्मचारियों ने अमेरिका के कई युवाओं के सपने छीन लिए क्योंकि राजनेताओं और नौकरशाहों ने कंपनियों को एच-1बी वीजा के दुरुपयोग की अनुमति दी.”
‘प्रोजेक्ट फायरवॉल’ से जवाबदेही तय करने की बात
वीडियो में बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फायरवॉल’ के तहत अब उन कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है जो एच-1बी वीजा का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। वीडियो के अंत में कहा गया — “अब समय है अमेरिकी लोगों के लिए अमेरिकी सपने को फिर से साकार करने का.”
भारत से सबसे ज्यादा इमिग्रेंट अमेरिका में
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में अमेरिका में सबसे ज्यादा इमिग्रेंट भारत से आए थे। यह संख्या देश में कुल गैर-आप्रवासी आबादी का 33 प्रतिशत है।
ट्रंप प्रशासन ने लगाया 1 लाख डॉलर का शुल्क
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर 2025 को एच-1बी वीजा पर 100,000 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जो 21 सितंबर से लागू हो गया। इस फैसले से अमेरिका में रह रहे भारतीय पेशेवरों के बीच चिंता बढ़ गई। हालांकि, व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि यह शुल्क केवल एक बार लिया जाएगा और मौजूदा वीजा धारकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।











