न्यूयॉर्क/ढाका: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने बांग्लादेश में जारी हिंसा और एक हिंदू व्यक्ति की निर्मम हत्या पर गंभीर चिंता जाहिर की है। सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने वहां के बिगड़ते हालातों पर टिप्पणी की। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बनाए जाने और लिंचिंग की घटनाओं पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा, “हां, बांग्लादेश में हमने जो हिंसा देखी है उससे हम बहुत चिंतित हैं.”
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर दिया जोर
प्रवक्ता ने किसी भी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि बहुसंख्यक वर्ग से अलग लोगों का सुरक्षित महसूस करना अनिवार्य है। दुजारिक ने अपने बयान में कहा, “चाहे बांग्लादेश हो या कोई अन्य देश, इस बात की जरूरत है कि ऐसे लोग जो ‘बहुसंख्यक’ वर्ग से बाहर हैं वे सुरक्षित महसूस करें और सभी बांग्लादेशी सुरक्षित महसूस करें. हमें विश्वास है कि सरकार प्रत्येक बांग्लादेशी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.” गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बलुका में ईशनिंदा के शक में 25 वर्षीय कपड़ा मिल कर्मचारी दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और शव को जला दिया था। ‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और आरएबी ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
मानवाधिकार प्रमुख ने भी जताई चिंता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने भी बांग्लादेश के हालात पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या पर दुख जताया, जिन्हें बदमाशों ने गोली मार दी थी। हिंसा के चक्र को रोकने की अपील करते हुए टर्क ने कहा, “प्रतिशोध केवल विभाजन को गहरा करेंगे और सभी के अधिकारों को कमजोर करेंगे.” उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा, “मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे हादी की मौत का कारण बने हमले की शीघ्र, निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी तरीके से जांच करें और घटना के जिम्मेदार लोगों के लिए उचित प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करें.”
आगामी चुनावों के मद्देनजर शांति की अपील
बांग्लादेश में फरवरी महीने में संसदीय चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसे देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर दिया है। वोल्कर टर्क ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा, “मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस नाजुक समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और पत्रकारों की सुरक्षा के अधिकारों को बरकरार रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकें.” उनका कहना है कि स्वतंत्र मतदान के लिए भयमुक्त वातावरण का होना बेहद जरूरी है।














