उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा पर मुहर लगाते हुए मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000
कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2017 में तय किए गए ₹10,000 मासिक मानदेय को बढ़ाकर अब ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से मांग कर रहे शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिलेगी। बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से लागू होगा और यह भुगतान वर्ष में 11 माह के लिए देय रहेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार पर कुल 1475.27 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
अंशकालिक अनुदेशकों को भी मिली बड़ी राहत
सरकार ने अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी बड़ा इजाफा किया है। पहले ₹9,000 प्रतिमाह मिलने वाला मानदेय अब बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों अनुदेशकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और शिक्षा क्षेत्र में उनकी भूमिका को प्रोत्साहन मिलेगा।
1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 अनुपात में प्राप्त होता रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्रांश के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा तथा अनुमोदन प्राप्त न होने की स्थिति में बढ़े हुए मानदेय के कारण इन पर आने वाला अतिरिक्त ₹1138.12 करोड़ का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार भी प्रदेश सरकार उठाएगी।
करीब 25 हजार अंशकालिक अनुदेशक होंगे लाभान्वित
संदीप सिंह ने बताया, “इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों को भी बड़ी राहत दी गई है. वर्ष 2017 में निर्धारित ₹9,000 मानदेय को बढ़ाकर अब ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है. प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं. इस वृद्धि से राज्य सरकार पर ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा.” उन्होंने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में यह वृद्धि शामिल होगी।














