वाराणसी: नए साल 2026 के आगाज में अभी वक्त है, लेकिन बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में अभी से ही आस्था और पर्यटन का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है कि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। वाराणसी में आम दिनों की तुलना में भीड़ 10 गुना बढ़ गई है। हालात यह हैं कि गंगा घाट से लेकर सारनाथ तक और होटलों से लेकर खान-पान की गलियों तक, पैर रखने की जगह नहीं बची है।
ट्रैफिक को लेकर प्रशासन सख्त, बड़े वाहनों पर रोक
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं।
- एंट्री बैन: काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले मार्गों पर दबाव कम करने के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के गेट पर ही बड़े वाहनों (चार पहिया/बस) को रोक दिया जा रहा है।
- सिर्फ इन्हें मिली छूट: शहर की ओर केवल दोपहिया वाहनों को जाने की अनुमति है। इसके अलावा केवल इमरजेंसी वाहनों को ही एंट्री मिलेगी।
- डायवर्जन: गदौलिया, चौक, घाट जाने वाले रास्ते और संकट मोचन मंदिर मार्ग पर कई जगहों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
होटल-धर्मशालाएं फुल, माघ मेले तक रहेगी सख्ती
नए साल की शुरुआत बाबा के दर्शन से करने की चाहत में लाखों लोग काशी पहुंच रहे हैं, जिससे शहर के लगभग सभी होटल और गेस्ट हाउस फुल हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर यह सख्ती केवल न्यू ईयर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनवरी के पहले हफ्ते में शुरू होने वाले माघ मेले तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि प्रयागराज महाकुंभ की तरह ही माघ मेले में भी यहां भारी भीड़ उमड़ेगी।














