पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के बाद चुनाव आयोग ने साफ किया है कि पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी भी मतदान केंद्र से किसी तरह की गड़बड़ी या पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पाई गई। आयोग ने इसे ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ मतदान करार दिया।
चुनाव आयोग का बयान – “कहीं भी गड़बड़ी नहीं”
शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को जारी आधिकारिक बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा —
“पहले चरण के चुनाव को लेकर की गई जांच के बाद किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी नहीं पाई गई। इस दौरान किसी की ओर से दोबारा वोटिंग कराए जाने की सिफारिश भी नहीं की गई है।”
उन्होंने बताया कि आयोग की टीम ने हर जिले से मिली रिपोर्टों की गहन समीक्षा की और यह पाया गया कि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू तरीके से संपन्न हुई।
कम संख्या में बदले गए EVM
मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल ने जानकारी दी कि इस बार के चुनाव में पिछली बार की तुलना में काफी कम संख्या में ईवीएम बदले गए।
- इस बार 1.21% बैलेट यूनिट्स बदले गए, जबकि 2020 में यह संख्या 1.87% थी।
- कंट्रोल यूनिट्स में इस बार 1.34% बदलाव किया गया, जो 2020 में 1.77% था।
1,314 उम्मीदवारों ने आज़माई किस्मत
पहले चरण में कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 1,192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल थीं।
राज्य भर में 45,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए —
- ग्रामीण क्षेत्रों में: 36,733 मतदान केंद्र
- शहरी क्षेत्रों में: 8,609 मतदान केंद्र
- केवल महिलाओं द्वारा संचालित: 926 मतदान केंद्र
मतदान के दौरान 165 बैलेट यूनिट, 169 कंट्रोल यूनिट और 480 वीवीपैट मशीनें बदली गईं।
सभी केंद्रों से लाइव टेलीकास्टिंग
चुनाव आयोग ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों से लाइव मॉनिटरिंग की गई। आयोग को कुल 143 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन्हें मौके पर ही सुलझा लिया गया।
पहले चरण की वोटिंग के लिए 4 लाख से अधिक मतदान कर्मियों को तैनात किया गया था।
एनडीए और महागठबंधन दोनों ने इस उच्च मतदान प्रतिशत को अपने-अपने पक्ष में बताते हुए जनता के समर्थन का दावा किया है।














