केंद्र की मोदी सरकार ने अपने सफाई और कबाड़ निस्तारण अभियान से रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। सरकार ने पिछले महीने सिर्फ एक महीने के भीतर कबाड़ बेचकर ₹800 करोड़ की बंपर आय की है, जो भारत के सफल चंद्रयान-3 मिशन के कुल बजट (₹615 करोड़) से भी कहीं ज्यादा है। यह कमाई सरकार के स्वच्छता मिशन को आर्थिक उत्पादन से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक की गई थी। इस दौरान लगभग 232 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान को खाली कराया गया और करीब 29 लाख फाइलें हटाई गईं।
कचरे को धन में बदला: डॉ. जितेंद्र सिंह
इस बड़ी सफलता पर टिप्पणी करते हुए पीएमओ/डीओपीटी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि, “यह मोदी सरकार के स्वच्छता मिशन के अनुरूप है, हमने कचरे को धन में बदल दिया है।”
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस अवधारणा को भविष्योन्मुखी बताते हुए कहा कि, “यह एक भविष्योन्मुखी अवधारणा है और हमने इस पर सफलतापूर्वक काम किया है। इसके जरिए हमने अर्थव्यवस्था के उत्पादन में योगदान दिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान से हुई कुल कमाई में “6 चंद्रयान संचालित हो सकते हैं।”
अब तक हुई कुल ₹4100 करोड़ की कमाई
यह अभियान साल 2021 में शुरू किया गया था। पिछले महीने की कमाई को मिलाकर, इस अभियान के तहत अब तक लगभग ₹4100 करोड़ रुपये कमाए जा चुके हैं। सरकार ने इस उपलब्धि को एक बड़ा अचीवमेंट बताया है।
साल 2021 से लेकर अब तक ऐसे 5 अभियान चलाए जा चुके हैं, जिनका निपटारा करने का काम डॉ. जितेंद्र सिंह, मनसुखभाई मंडाविया और के. राम मोहन नायडू को सौंपा गया था। इन अभियानों के तहत:
- खाली कराया गया स्थान: 928.84 लाख वर्ग फुट।
- बंद या हटाई गईं भौतिक फाइलें: 166.95 लाख।
- कबाड़ बेचकर कुल कमाई: ₹4,097.24 करोड़।
इस आंकड़े से स्पष्ट है कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और कुशल फाइल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने से न केवल कार्यस्थल बेहतर हुआ है, बल्कि सरकारी खजाने में भी बड़ी राशि जमा हुई है।














