पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इसी बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के एक बयान ने देश की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इशाक डार ने इस्लामाबाद में अमेरिका की उपराजदूत (Chargé d’Affaires) नताली बेकर से मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान इशाक डार ने कहा कि इस्लामाबाद समझौता (MoU) को पूरी तरह और सही भावना के साथ लागू करना ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जून में हस्ताक्षर किया गया यह समझौता रविवार को समाप्त होने वाला है।
इस्लामाबाद MoU को लेकर पाकिस्तान ने दिया जोर
इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बैठक से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान पाकिस्तान-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग और हालिया क्षेत्रीय घटनाक्रम प्रमुख मुद्दे रहे।
इशाक डार के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में हुई सकारात्मक प्रगति की सराहना की। साथ ही उन्होंने स्थायी शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति को महत्वपूर्ण बताया।
समझौते की समयसीमा नजदीक आने के बीच पाकिस्तान की ओर से इसे पूरी तरह लागू करने पर दिया गया जोर दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति से मिले मोहसिन रजा नकवी
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तेहरान में पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन रजा नकवी से मुलाकात की थी। बैठक में ईरान और पाकिस्तान के बीच संबंधों को और मजबूत करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरान के साथ संबंध मजबूत करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि तेहरान राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा सहित सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने के लिए तैयार है।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मंगलवार शाम तेहरान में सैयद मोहसिन रजा नकवी से मुलाकात के दौरान पाकिस्तान और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क वाले संबंधों को भी रेखांकित किया।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व की ओर से एकजुटता बढ़ाने और ईरान के साथ रिश्तों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता तेहरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण और मूल्यवान है।















