प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2026 में NDA के साथ आए सांसदों से मुलाकात के दौरान डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और सायोनी घोष से भी मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें दोनों सांसदों ने सोशल मीडिया पर साझा की हैं। सायोनी घोष ने जहां इस मुलाकात को अपने लिए बेहद खास और यादगार बताया, वहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने प्रधानमंत्री को कोलकाता से लाई गई बंगाल की प्रसिद्ध कांथा कढ़ाई दिखाई।
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की कांथा कला की सराहना की और राज्य के बुनकरों तथा हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने का भरोसा दिया। दोनों सांसदों की प्रधानमंत्री के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
‘प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात, याद रखने वाला पल’
सायोनी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेरी पहली मुलाकात. याद रखने वाला पल!”
सायोनी घोष की इस पोस्ट के बाद प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात चर्चा में आ गई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सायोनी घोष और डॉ. काकोली घोष दस्तीदार समेत NCPI के सांसद NDA के साथ राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं।
काकोली घोष ने PM मोदी को दिखाई बंगाल की कांथा कढ़ाई
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात की जानकारी साझा की। नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को उन्होंने कोलकाता से लाई गई बंगाल की पारंपरिक कांथा कढ़ाई दिखाई।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कांथा कढ़ाई की सराहना की और बंगाल के बुनकरों तथा हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बंगाल की कांथा कढ़ाई राज्य की पारंपरिक हस्तकलाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है और इसकी अपनी विशिष्ट पहचान है।
7 अगस्त को करीब 45 सांसदों के साथ PM मोदी की नाश्ते पर बैठक
इस मुलाकात से पहले 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 45 सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की थी। बैठक में शिवसेना के सात सांसद, NCPI के 20 सांसद, अजित पवार गुट वाली NCP के दो सांसद और उपेंद्र कुशवाहा समेत अन्य सांसद शामिल हुए थे।
नाश्ते के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर से उनके योगाभ्यास को लेकर भी जानकारी ली।
सांसदों को विकास कार्यों में तेजी लाने की सलाह
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और अधिकारों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने सांसदों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र से संबंधित किसी भी विकास योजना के लिए वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने सांसदों से गरीबों, मजदूरों और किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि सांसदों को लोगों की समस्याओं को समझने के साथ-साथ अपने क्षेत्रों की जमीनी स्थिति से लगातार अपडेट रहना चाहिए।














