दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके साथ एक छात्र भी मौजूद था, जिसके बारे में राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान वह पैलेट गन से घायल हुआ और उसकी आंख की रोशनी प्रभावित हुई।
‘यह छात्र पैलेट गन से घायल हुआ’: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था. सरकार का कहना है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया था. उसकी आंख को नुकसान पहुंचा है और उसकी देखने की क्षमता चली गई है. ऐसे हजारों युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और उनके खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. उसने पुलिस भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक हो गया था.”
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर अपनी तीन प्रमुख मांगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “पहली मांग है कि भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को जाना होगा. दूसरी मांग- ये हमारे देश के भविष्य पर गोली चलाए हैं, लाठी चलाए हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. तीसरी मांग- पीएम मोदी, जो पूरे सिस्टम के ऑपरेटर हैं वो देश के हजारों युवाओं से माफ मांगें.”
उन्होंने आगे कहा, “धर्मेंद्र प्रधान हमारे शिक्षा तंत्र के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं. उन्हें जाना होगा. उन्हीं की वजह से हजारों लोग बाहर हैं. उन्हें जाना होगा.”
शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया तथा उनके खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी केवल अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान एक आपराधिक शिक्षा मंत्री हैं. उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए. वह देश की शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक हैं. आज हजारों लोग सड़कों पर हैं, इसके लिए वही जिम्मेदार हैं.”
राहुल गांधी के इन आरोपों पर केंद्र सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















