सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद भी जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि पूरी रात IV, इंजेक्शन और ब्लड टेस्ट के बाद वह फिर से जंतर-मंतर लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि तेज बुखार के कारण वह शारीरिक रूप से अभी भी कमजोर महसूस कर रहे हैं, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
अभिजीत दीपके ने कहा, “जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते.”
छात्रों को संबोधित करते हुए इस्तीफे की मांग दोहराई
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अभिजीत दीपके ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “20 जुलाई को सैकड़ों बच्चों के सिर फोड़े गए हैं. सोनम सर को 26 दिन तक भूख हड़ताल करनी पड़ी है. इसके बाद तो इस्तीफे के नीचे हमें कुछ भी मंजूर नहीं है. अब हम इस्तीफा लेकर ही हटेंगे.”
इस दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “इस्तीफा तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा” जैसे नारे भी लगाए।
सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद खत्म किया अनशन
गुरुवार (23 जुलाई) देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा गुरुग्राम स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन लगातार सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील कर रहा था। उन्होंने कहा, “हम लगातार सोनम वांगचुक से अपील कर रहे थे कि वह अपना अनशन खत्म कर दें. उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी. हमें बहुत गर्व है कि सोनम वांगचुक ने हमारी दो मागें सरकार से मनवाई हैं.”
CJP ने सरकार के आश्वासन का किया जिक्र
आशुतोष रांका ने आगे कहा, “पहली बात सरकार ने मानी है कि सीजेपी के प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और घायलों को मुआवजा मिलेगा. इसपर अभी तक कोई लिखित डिटेल आनी बाकी है लेकिन इस आश्वासन पर ही सोनम सर ने अनशन खत्म किया है.”
हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है, “हम साफतौर पर कहना चाहते हैं कि जंतर मंतर का यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते.”















