केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष को चर्चा की खुली पेशकश की है। अमित शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और वह संसद में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से लिखित में चर्चा की मांग रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि चर्चा होने पर वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे।
अमित शाह ने विपक्ष पर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सदन चलने ही नहीं दिया जा रहा है तो वहां जाकर क्या होगा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है तो वह स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी मांग दे सकता है। अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और हर विषय पर चर्चा की जा सकती है।
अमित शाह बोले- चर्चा भी करूंगा और सवालों के जवाब भी दूंगा
विपक्ष के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा, ”वो भी चर्चा करूंगा कि आपको चर्चा क्यों नहीं चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार, एनडीए की सरकार हर चीज पर चर्चा के लिए तैयार है. संसद वो चलने नहीं देते हैं.”
अमित शाह ने कहा कि संसद में लापता, भाग गए और भगौड़े जैसी भाषा सुनाई जा रही है। उन्होंने कहा, ”विपक्ष संसद भवन को दोनों सदनों में चलने ही नहीं दे रहा है, तो वहां जाकर क्या होगा? मैं किसी भी सवाल का जवाब संसद में देने के लिए तैयार हूं. आज तीन बजे से लेकर कल तीन बजे तक चर्चा के लिए तैयार हैं. विपक्ष दो बजे तक एक पत्र लिख कर स्पीकर ओम बिरला को दे दे.”
गृहमंत्री ने आगे कहा, ”आज तीन बजे से चर्चा शुरू हो जाएगी. कल दोपहर तीन बजे में जवाब दे दूंगा. मैं खुद चर्चा में बैठूंगा. अब विपक्ष को तय करना है कि उन्हें चर्चा करनी है या हंगामा करना है. सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. यह भी चर्चा करूंगा कि आपने सदन क्यों नहीं चलने दिया.”
राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर किया पलटवार
अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष अमित शाह के भाषणों में दिलचस्पी नहीं रखता, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि बच्चों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी ने कहा, “हम लोग अमित शाह के भाषणों में इंटरेस्टेड नहीं है, हम जानना चाहते हैं कि किसने बच्चों को गोली चलवाई.”
जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद बढ़ा विवाद
संसद में जारी गतिरोध की प्रमुख वजह दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज को बताया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है और अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, जबकि मानसून सत्र का आखिरी दिन नजदीक है।
सरकार की ओर से सोमवार को दावा किया गया था कि अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा है और लगातार अपनी मांग बदल रहा है। इसके जवाब में विपक्ष ने दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के साथ राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा की मांग रखी है। विपक्ष का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर वह किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।














